बुन्देलखण्ड (मध्यप्रदेश) के लिए खरीफ 2026 सूखा
प्रबंधन सलाह
(जिले: टीकमगढ़, निवाडी,छतरपुर,
, दतिया)
संभावित
मौसम स्थिति (2026)
- मानसून सामान्य से कम रहने की संभावना
- अगस्त–सितम्बर में वर्षा की कमी (मुख्य जोखिम)
- लम्बे सूखे अंतराल (10–20
दिन) संभव
मुख्य संदेश: फसल चयन और प्रबंधन “कम वर्षा + सूखे
अंतराल” को ध्यान में रखकर करें
जिला-वार फसल सलाह
टीकमगढ़
,निवाड़ी / छतरपुर
- उपयुक्त फसलें:
- बाजरा + अरहर (2:1)
- तिल (जून अंत–जुलाई प्रारंभ)
- विकल्प:
उड़द / मूंग (अल्प अवधि)
- न करें:
सोयाबीन, धान
(बारानी)
दतिया
(अधिक सूखा प्रभावित)
- सबसे उपयुक्त:
- विकल्प:
लोबिया (चारा + दाल)
- रणनीति:
कम लागत, कम
जोखिम खेती अपनाएँ
फसल चयन (प्राथमिकता)
अधिक
उपयुक्त
मध्यम
जोखिम
वाली
- सोयाबीन (लंबी अवधि)
- धान (बिना सिंचाई)
- मक्का
सूखा प्रबंधन उपाय
1. नमी संरक्षण
- मेड़–नाली विधि
- मल्चिंग (फसल अवशेष)
- गहरी जुताई
2. मध्य-ऋतु सुधार
- पौधों की छंटाई (thinning)
- खाली स्थान पर पुनः बुवाई
3. पोषण प्रबंधन
- 1% पोटाश
(KNO₃) का छिड़काव
- 2% यूरिया
का छिड़काव
महत्वपूर्ण समय
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स्थिति
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क्या
करें
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मानसून देर से
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बाजरा/दालें बोएँ
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जुलाई में कम वर्षा
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सोयाबीन कम करें
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अगस्त सूखा
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छिड़काव + नमी संरक्षण
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अधिक सूखा
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चारा फसल अपनाएँ
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किसान भाइयों के लिए संदेश
“अगस्त में सूखे की संभावना को देखते हुए बाजरा, अरहर, तिल
और दलहनी फसलों को प्राथमिकता दें। सोयाबीन और धान से बचें जब तक सिंचाई सुविधा
उपलब्ध न हो।”