Thursday, June 14, 2018

टीकमगढ़ जिले में मानसून आगमन की तिथि तथा मानसूनी वर्षा


मानसून आगमन की औसत तिथि 17-18 जून है। परन्तु इससे एक सप्ताह बाद या पहले आनेवाले मानसून को देर या पहले आनेवाला माना जाता है। बीते 17 वर्षों में टीकमगढ़ जिले में मानसून आने की तिथि तथा मानसून की वर्षा के आंकडों को तालिका क्रमांक-1 में दर्शाया गया है। इससे पता चलता है कि बीते 17 वर्षों में 8 बार मानसून देरी से तथा शेष वर्षों में सामान्य समय पर आया है। सामान्य समय या देरी से मानसून आगमन का मानसून में हुई कुल वर्षा से कोई सहसम्बंध नहीं होता है। इस वर्ष भी मानसून आगमन की तिथि औशत होने की संभावना है।
टीकमगढ़ जिले में वातावरण में बढते नमी को देखते हुए, सम्भवत: मानसून का आगमन 22-24 जून के आस-पास होगा। अत: किसान भाई, खरीफ फसलों की तैयारी करें तथा बुआई हेतु खाद, उन्नतशील बीज की व्यवस्था करें।

तालिका क्रमांक-1 : टीकमगढ़ जिले में मानसून आने की तिथि तथा मानसून में कुल वर्षा
वर्ष
मानसून आगमन की तिथि
कुल वर्षा(जून से सितम्बर माह) मि.मी.
2001
26 जून
696.0
2002
20 जून
780.9
2003
27 जून
967.0
2004
16 जून
773.0
2005
30 जून
839.0
2006
28 जून
730.6
2007
  01 जुलाई
271.0
2008
12 जून
138.6
2009
25 जून
599.0
2010
  02 जुलाई
568.3
2011
20 जून
1511.1
2012
  07 जुलाई
1015.5
2013
15 जून
1372.2
2014
19 जून
598.9
2015
23 जून
490.6
2016
20 जून
885.9
2017
26 जून
594.1

टीकमगढ़ जिले में मानसून पूर्व (1-15 जून) वर्षा का तहसील स्तर पर वितरण में काफी अन्तर पाया गया है, जिसे तालिका क्रमांक-2 में दर्शाया गया है। जतारा, टीकमगढ़, पलेरा व पृथ्वीपुर को छोड़कर ओरछा, निवाड़ी तथा बल्देवगढ़ में कम वर्षा प्राप्त होती है। अत: किसान भाई, खरीफ फसलें लेते समय इस बात का ध्यान रखें तथा सिंचाई की व्यवस्था होने पर ही अधिक जल आवश्यकता वाली फसलें लगायें।

तालिका क्रमांक-2 : तहसील स्तरीय औसत वर्षा 2001-2017 (1-15 जून तक)
तहसील
कुल वर्षा (मि.मी.)
टीकमगढ़
316.6
बल्देवग
71.2
जतारा
204.0
पलेरा
156.0
निवाडी
130.0
प्रथ्वीपुर्
147.3
ओरछा
135.9


Monday, June 4, 2018

Pre-monsoon showers in Bundelkhand region of Madhya Pradesh India

Today is the 4th days of the first week of June 2018, and conditions are in favour of premonsoon showers with high wind speed during next 4-5 days in Bundelkhand region of Madhya Pradesh (M.P.).  Due the occurrence of pre monsoon showers with high wind speed bring down the day temperature and will increase the atmospheric humidity .

During the current monsoon month an early pre monsoon showers will be bring comfort both for general as well as farmers.

Tuesday, May 15, 2018

तड़ित झंडा का बुन्देलखण्ड़ में अधिक होना



 तड़ित झंडा (गरज चमक का आंधी) मुख्यतः गर्मियों में अधिकतर होते हैं । बुन्देलखण्ड़ में इस वर्ष तड़ित झंडा (गरज चमक का आंधी) की घटनायें अन्य वर्षों के अपेक्षा ज्यादा हो रही है तथा अभी गर्मी का मौसम चल ही रहा है। तड़ित झंडा के बनने में दो सबसे बुनियादी स्थितियों के उत्त्पन होना महत्वपुर्ण होता है। ये तत्व है:
नमी
तेजी से बढ़ती गर्म हवा

चूंकि नमी और गर्मी ये दोनो आंधी के लिए महत्वपूर्ण होती है,  खासकर देश के पूर्वी भागों में ( पश्चिम बंगाल, असम, बिहार व उत्तर प्रदेश) जहॉ आर्द्रता गर्मियों में अधिक रहता है। उच्च तापमान, गर्म तापमान के संयोजन के साथ, वायुमंडल में गर्म, नम हवा की भारी मात्रा में बनाता है, जहां यह आसानी से आंधी का निर्माण कर सकता है।


तड़ित झंडा के ज्यादा आना वातावरण में नमी को और बढ़ाता रहता है, शायद इस वर्ष मानसून पूर्व वर्षा ज्यादा हो या  मानसून समय से यहॉ आयेगा और किसनों को फसल बुआई में देरी न होने देगा ।



Saturday, January 20, 2018

Mustard aphid and pod borer in Bundelkhand

The number of aphid count on mustard and pod borer in Chickpea are very low(below ETL) in Bundelkhand Agroclimatic zone in general and at particular at Tiakmgarh.

The farmers have the some remarkable opinions that in dry winter the pest -disease activities are low. Some farmers told that rainfall during September-October is very low or nearly negligible and thus the pod borer adults may not able to hatch so many eggs. The above mean temperature is also in one of the region for lower aphid population on mustard crop.